संतकबीरनगर: भारत मुक्ति मोर्चा का पैदल मार्च; यूजीसी बिल और ओबीसी जनगणना को लेकर बुलंद की आवाज



बस्ती मंडल न्यूज़ | ब्यूरो रिपोर्ट: संतकबीरनगर

खलीलाबाद। संतकबीरनगर के जिला मुख्यालय खलीलाबाद में सोमवार को भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

प्रमुख मांगें: ओबीसी जनगणना और टीईटी से मुक्ति

​पैदल मार्च के दौरान संगठनों ने मुख्य रूप से तीन मांगों पर जोर दिया:

  1. जाति आधारित जनगणना: कार्यकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार ने ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का फैसला तो लिया, लेकिन नोटिफिकेशन में ओबीसी जातियों के लिए अलग कॉलम नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की कि आगामी राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी का स्पष्ट कॉलम जोड़ा जाए।
  2. यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन: एससी, एसटी और ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर उसे तुरंत लागू करने की मांग की गई। मोर्चा ने सरकार पर इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
  3. शिक्षकों को टीईटी से राहत: वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग उठाई गई।

नेतृत्व और चेतावनी

​यह जुलूस भारत मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक गुरुबचन और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा के संयोजक सूर्यभान चौरसिया के नेतृत्व में निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की नीतियां पिछड़ों और दलितों के हितों के खिलाफ जा रही हैं।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है; यदि सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में फैलाया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।


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